पंजाब के मोगा जिले में एक सिक्योरिटी गार्ड ने लूट की एक कोशिश को नाकाम कर दिया। हमलावरों के पास तेज धारदार हथियार भी थे, लेकिन गार्ड डरा नहीं और बहादुरी से उनका सामना किया। इस वजह से हमलावरों को उलटे पैर वापस लौटना पड़ा और गार्ड ने लूट की घटना को होने से बचा लिया।
यह घटना मंगलवार (12 जुलाई, 2022) की है, जिसमें एक गार्ड मंदार ने बहादुरी से लूट की वारदात को होने से बचा लिया। उसकी बहादुरी का यह पूरा कारनामा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
सीसीटीवी फुटेज में तीन लोगों को गार्ड की पिटाई करते और उस पर धारदार हथियार से हमला करते हुए देखा गया है। गार्ड इन लोगों से डरे बिना वापस लड़ता है और फिर उनका पीछा करने के लिए अपनी बंदूक से फायर भी किया।
मोगा सदर थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) जसविंदर सिंह ने कहा, “मोगा के दारापुर गांव में लूट की कोशिश की एक घटना घटी। गार्ड ने उसे रोका और हथियार भी दागे। हम सीसीटीवी फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं कि वे किस रास्ते से गए थे।”
वहीं, मंदार सिंह ने कहा कि तीनों आरोपी मोटरसाइकिल पर आए थे और उन्होंने अपने चेहरे ढके हुए थे। उसको उन पर शक था इसलिए उसने इन लोगों पर अपनी नजरें जमाए रखी। उसने बताया, “तीन आरोपी मोटरसाइकिल पर अपने चेहरे ढके हुए आए थे। मुझे लग रहा था कि वे किसी के लिए अच्छे नहीं हैं। मैंने उन्हें मास्क हटाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मेरी नहीं मानी। उन्होंने मेरी बांह पर ‘कृपाण’ (तलवार) से हमला किया, लेकिन मैं लड़ता रहा और उन्हें भगा दिया।”
बता दें कि अभी कुछ दिन पहले मोगा की अदालत परिसर के पास फायरिंग का मामला भी सामने आया था। दो समूहों में पुरानी रंजिश के चलते यहां कई राउंड फायर हुए थे। गुरप्रीत सिंह नाम का एक शख्स अपने जीजा के साथ कोर्ट आया था, तभी उन लोगों यह हमला हुआ। गुरप्रीत ने बताया कि साल 2017 में नीला ग्रुप के सदस्य जितेंद्र नीला और लंडी ग्रुप के बीच कुछ विवाद हुआ था, उस रंजिश के चलते ही उस पर यह हमला हुआ था।
From: Jansatta
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