बिजली रोजमर्रा की पहली जरूरत है, लेकिन हम बिजली संकट की ओर बढ़ रहे हैं, इस पर विचार होना चाहिए। बिजली संकट के प्रति उसके विकल्प तलाशे जाएं तो बेहतर होगा। ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के हिसाब से केंद्र शासित प्रदेश दादर और नगर हवेली सबसे अधिक बिजली खपत करने वाले राज्यों में शामिल है। वैश्विक तौर पर भी भारत अधिक बिजली खपत करने वाले राष्ट्रों में पहुंच गया है, जबकि देश के कई हिस्सो में अभी भी पूर्ण विद्युतीकरण नहीं हो पाया है। हालत ऐसे हैं कि आज विद्युत उत्पादन के लिए हमें कोयले की कमी से जूझना पड़ रहा है।
बिजली की उपयोगिता अब पानी की तरह आवश्यक हो गई है। इसका अपव्यय भविष्य के लिए हानिकारक साबित होगा। पर्याप्त कोयला उत्पादन न होने के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है ओर हमारा कोयले के लिए अन्य मित्र देशों पर निर्भर होना इसी बात के संकेत है। संकट से बचने के लिए हमें बिजली का अनावश्यक उपयोग बंद करना चाहिए और बिजली की आपूर्ति कैसे हो और इसके अन्य विकल्प कैसे खड़े हों, ऐसे विषयों पर विचार करना चाहिए। अगर कोयले की कमी से बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है तो हम सौर ऊर्जा की ओर बढ़ें। सौर ऊर्जा पूर्ण रूप से प्राकृतिक है, जिसके लिए भारत सरकार भी मंथन कर रही है। सौर ऊर्जा के प्रति जनता भी जागरूक हो तो इसे अपनाने में आसानी हो सकती है। इससे बिजली आपूर्ति ओर प्रकृति सरंक्षण को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है!
’शुभम् दुबे, इंदौर, मप्र
फिर वही आतंक
नापाक इरादों से घुसपैठ करते आतंकवादियों ने कश्मीर में नागरिकों का जीना दुश्वार कर दिया है। अफगानिस्तान पर बंदूक की नोंक पर तालिबान के कब्जे के बाद पाकिस्तान की शह पर पलते आतंकवादियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। घाट में जेसीओ समेत पांच सैनिक शहीद हुए है। इससे पहले राजौरी में मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया। कश्मीर की वादियों में फिर से जहर घोलने और अमन चैन में खलल पैदा करने के लिए आतंकवाद सक्रिय हो गया है। भय के साए में जीने वाले कश्मीर के लोग रोज-रोज की गोलियों की बौछार से परेशान हो चुके हैं। जीवन और मौत के साए में जीवनयापन करते लोगों के लिए जीना दुश्वार हो गया है।
’कांतिलाल मांडोत, सूरत, गुजरात
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