अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद न केवल विदेशी नागरिक जल्द से जल्द अपने देश लौट जाना चाहते हैं बल्कि अफगानी लोग भी देश छोड़कर कहीं औऱ शरण लेना चाहते हैं। तालिबानी की दहशत और काबुल के एयरपोर्ट पर अव्यवस्था की वजह से भी बहुत सारे लोगों को न केवल परेशानी सहनी पड़ रही है बल्कि कई बार जान से हाथ धोना पड़ता है। पिछले दिनों विमान से लोगों के गिरने की तस्वीरें सामने आई थीं जो दिल दहलाने वाली थीं। अभी यह सिलसिला रुका नहीं है। एयरपोर्ट पर ही भगदड़ में कई लोगों को जान गंवानी पड़ रही है।
अफगानिस्तान की भयंकर गर्मी और दहशत दोनों ही लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं। काबुल एयरपोर्ट पर ऐसी ही दुर्घटना हो गई जब हजारों लोग भागने लगे। इसी भगदड़ में कम से कम चार महिलाओं की कुचलकर मौत हो गई। डेली मेल की ख़बर के मुताबिक ब्रिटिश सैनिकों ने बेहोश हुए लोगों को उठाया और इलाज करने की कोशिश की लेकिन इनमें से कई की मौत हो चुकी थी। बता दें कि कई देश अपने नागरिकों को निकालने के लिए विमान भेज रहे हैं। हालांकि ठीक से सामंजस्य न बनने की वजह से कई बार विमानों के उड़ान भरने में देरी भी होती है।
काबुल एयरपोर्ट पर मौजूद एक पत्रकार ने बताया कि कुछ सैनिकों में भीड़ में कुचल रहे लोगों को खींचकर बाहर निकाला और दीवार के सहारे बैठाकर उनपर पानी डाला। एयरपोर्ट पर नजारा बहुत ही भयानक था। वभगदड़ के बाद वहां खून के धब्बे नजर आ रहे थे। लोगों को यह भी नहीं पता चल रहा था कि उनके परिवार के सदस्य कहां बिछड़ गए।
न बच्चों को मिल रहा दूध, न पीने का पानी
काबुल एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों में एक अजब बेचैनी देखने को मिल रही है। कोई एयरपोर्ट के अंदर है तो कोई बाहर ही रोक दिया गया। भारत के विमान का इंतजार कर रही एक महिला के मुताबिक वह तीन दिन से एयरपोर्ट के बाहर ही इंतजार कर रही हैं। उनकी दो साल की बच्ची भी साथ है। भीषण गर्मी में न तो बच्चों के लिए दूध मिल रहा है और न ही पानी मिल रहा है। तालिबानियों का खौफ अलग से।
महिला ने एनडीटीवी को बताया, ‘तीन दिन पहले हमें बिना सामान के एयरपोर्ट पहुंचने को कहा गया था। तीन दिन तक पास ही के एक मैरिज लॉन में हमने इंतजार किया। बीती रात फिर से हम एयरपोर्ट पहुंचे। आज भी हम इंतजार ही कर रहे हैं। इसी बीच हम में से 150 लोगों को तालिबानी लेकर चले गए। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया लेकिन हम सड़क पर ही बैठे हैं।’
जरूरत पड़ी तो तालिबान के साथ मिलकर करेंगे कामः बोरिस जॉनसन
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि अफगानिस्तान में समाधान तलाशने के लिए ब्रिटेन के कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, जिसमें ”यदि आवश्यक हुई” तो तालिबान के साथ काम करने का रास्ता भी खुला है। जॉनसन ने कहा, ” मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि अफगानिस्तान के लिए समाधान तलाशने के हमारे राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयास जारी रहेंगे, ऐसे में निश्चित रूप से, अगर जरूरी हुआ तो तालिबान के साथ काम करना शामिल है। अफगानिस्तान के लिए हमारी प्रतिबद्धता स्थायी है।”
The post काबुल एयरपोर्ट: कुचल कर मारे गए कई लोग, भूख-प्यास और गर्मी भी ले रहा जान; ब्रिटेन बोला- जरूरत पड़ी तो तालिबान के साथ मिल कर करेंगे काम appeared first on Jansatta.
From: Jansatta
Read Full Post ㅡ https://ift.tt/3j3vtBe