दिलचस्प है कि जिस सांस्कृतिक धारा की पाल आगे चलकर कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर ने संभाली और जिन्होंने अपने कृतित्व से बांग्ला लोकमानस को ओतप्रोत कर दिया, खुद उन्होंने बंकिम बाबू को अपना गुरु माना है, उनके सांस्कृतिक अवदान को अमूल्य बताया है।
From: Jansatta
Read Full Post ㅡ https://ift.tt/3vT32ZW
CM सम्राट पर भड़के भाई-बहन, तेजस्वी यादव ने बताया 'Cheap Minister', मीसा बोलीं- ये सरकार...
CM सम्राट पर भड़के भाई-बहन, तेजस्वी यादव ने बताया 'Cheap Minister', मीसा बोलीं- ये सरकार... From: ABP Live Read Full Post ㅡ htt...
-
संगरूर के सांसद सिमरनजीत सिंह मान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह को आतंकवादी कहकर चर्चा में है। मान ने हाल के लोकसभा उपचुनाव में मिली जी...
-
मालदीव में अब इंडिया-इन! मुइज्जू का यू-टर्न, पीएम मोदी की तारीफ में पढ़े कसीदे, बोले- वो शानदार इंसान From: ABP Live Read Full Post ㅡ h...
-
कहां तो बाहर जाकर तरह-तरह की जगहें देखने, झरने, नदियों, पहाड़ों, पार्कों, फूलों, नाचते मोरों, गुहार लगते पंछियों से बातें करते थे और कहां पिछ...