Friday, July 8, 2022

अनावश्यक विवाद

अभिव्यक्ति की बेलगाम स्वंत्रता अब घातक रूप लेती जा रही है। सबसे खेदजनक है कि जानी-मानी हस्तियां भी इस अनावश्यक दौड़ में शामिल हो गई हैं। आए दिन इस प्रकार के अप्रिय मामले प्रकाश में आ रहे हैं। एक-दूसरे की धार्मिक आस्था को आघात पहुंचाना, निरर्थक बयानबाजी करना, गैरजरूरी विवाद खड़े करना, यहां तक कि बहुत ही अपमानजनक तस्वीरें, कार्टून और फिल्में बनाना तथा उन्हें प्रसारित करना कुछ लोगों का नया शौक बन गया है।

इस प्रकार के मामलों में अवांछित रूप से राजनीति भी शामिल हो जाती है। यद्यपि सबको अपनी इच्छा के अनुसार धर्म, मत, परंपरा के पालन का अधिकार है, लेकिन किसी को भी दूसरों की धार्मिक आस्था पर चोट पहुंचाने का अधिकार नहीं है। जब कभी इस सामान्य नियम का उल्लंघन किया जाता है तो समाज का वातावरण दूषित होता है। यह स्थिति किसी भी दृष्टि से स्वस्थ या लाभकारी नहीं कही जा सकती।

इशरत अली कादरी, भोपाल



From: Jansatta

Read Full Post ㅡ https://ift.tt/muZldEt

बुजुर्ग से मारपीट मामले में कैब चालक के खिलाफ 14 घंटे बाद FIR, एकनाथ शिंदे के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई

बुजुर्ग से मारपीट मामले में कैब चालक के खिलाफ 14 घंटे बाद FIR, एकनाथ शिंदे के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई From: ABP Live Read Full Post...