मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए उम्मीदवारों ने प्रचार शुरू कर दिया है। प्रत्याशी अपने क्षेत्र के मतदाताओं को लुभाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। गुरारिया लश्करपुर पंचायत में सुशीला बाई सरपंच पद की प्रत्याशी हैं। सुशीला और इनके पति दोनों जनसंपर्क में जुटे हुए हैं। वोट मांगने का इनका तरीका इतना अनोखा है कि मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दरअसल ये पति-पत्नी पहले तो राम-राम कहते हुए वोटरों का अभिवादन करते हैं, फिर सीधे लोगों के पैरों में लेट जाते हैं। दंडवत प्रणाम करते हुए ये पति-पत्नी लोगों से वोट की गुहार लगाते हैं, आशीर्वाद मागंते हैं। मतदाता भी विजयी हो, विजयी हो करकर इनका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।
मीडिया से बात करते हुए सरपंच प्रत्याशी सुशीला बाई के पति ने कहा, ”हमारा सभी से आशीर्वाद प्रदान करने का आग्रह है। हम गांव की शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम करेंगे। गांव का विकास करेंगे। आज भी लोगों को पेंशन दिलवाने में मदद करता हूं। आगे भी करता रहूंगा। मेरा पब्लिक से यही कहना है कि नेता नहीं बेटा बनाइए। सरपंच नहीं एक सेवक बनाइए। गिलास छाप पर मुहार लगाकर विजयी बनाइए।”
दिलचस्प है कि लोगों की सेवा का वादा कर वोट मांग रहीं सुशीला बाई घूंघट में ही प्रचार कर रही हैं। प्रचार के दौरान भी पति ही मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। मीडिया से बातचीत भी पति ही कर रहे हैं। हालांकि प्रचार का ये तरीका स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
बता दें कि मध्य प्रदेश का पंचायत चुनाव तीन चरणों में होना है। पहले चरण के लिए 25 जून, दूसरे चरण के लिए 1 जुलाई, तीसरे चरण के लिए 8 जुलाई को मतदान होना है। मतदान ईवीएम से न होकर बैलेट पेपर पर होगा। इंदौर के उप जिला चुनाव अधिकारी प्रतुल सिन्हा के मुताबिक, इस त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए कुल 1,217 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। हालांकि मध्य प्रदेश में कुछ ऐसे भी पंचायत हैं जहां वोटिंग से पहले ही फैसला हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, छिंदवाड़ा जिले में 20 ऐसी ग्राम पंचायत है, जहां पर पूरी की पूरी पंचायत ही निर्विरोध चुन ली गई है।
From: Jansatta
Read Full Post ㅡ https://ift.tt/8YBxSCA