हरियाणा की 26 वर्षीय अभिलाषा बराक बुधवार (25 मई, 2022) को भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट पायलट बन गई हैं। उनके पिता भी इंडियन आर्मी में थे इसलिए उन्हें बचपन से ही ऐसा माहौल मिला और उन्होंने अपने करियर के लिए इंडियन आर्मी में ज्वाइन होने का विकल्प चुना।
कैप्टन अभिलाषा बराक ने यह उपलब्धि कॉम्बैट आर्मी एविएशन पाठयक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद हासिल हुई है। अभिलाषा ने बताया कि बचपन से ही आर्मी एरिया में रहे परेड व वर्दी पहने लोगों को देखा इसलिए मेरे लिए यह सब हमेशा काफी सामान्य था। 2011 में जब मेरे पिता के रिटायरमेंट के बाद हमने आर्मी एरिया छोड़ा तो मुझे सब बहुत अलग लगा। 2013 में भारतीय सैन्य अकादमी में मेरे बड़े भाई की पासिंग आउट परेड देखने के बाद यह भावना और मजबूत हुई कि मुझे अपने जीवन का बाकी हिस्सा इंडियन आर्मी में बिताना है।
कैप्टन बराक द लॉरेंस स्कूल, सनावर की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने 2016 में दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और इसके बाद उन्हें डेलॉइट, यूएसए में नौकरी मिल गई।
2018 में, उन्हें अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, चेन्नई से भारतीय सेना में शामिल किया गया था। उन्होंने आर्मी एयर डिफेंस यंग ऑफिसर्स कोर्स में ‘ए’ ग्रेडिंग, एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और एयर लॉज कोर्स में 75.70 प्रतिशत हासिल किए और अपने पहले प्रयास में प्रमोशनल परीक्षा, पार्ट बी पास की।
दो साल बाद, जब पायलटों के रूप में महिलाओं को शामिल करने की घोषणा की गई, तो कैप्टन बराक के लिए का सपना पूरा हो गया। उन्होंने बताया, “बहुत से लोग यह नहीं जानते हैं, लेकिन 1987 में, ऑपरेशन मेघदूत के दौरान, मेरे पिता अमर पोस्ट से बाना टॉप पोस्ट (पहले क्वैड पोस्ट) तक एक गश्त दल का नेतृत्व कर रहे थे। खराब मौसम के कारण, वह सेरेब्रल ओडेमा से पीड़ित हो गए और उन्हें वापस अमर पोस्ट लाया गया, जहां से उन्हें ठीक समय पर निकाला गया। वह अपने जीवन का श्रेय आर्मी एविएशन कॉर्प्स को देते हैं और इसलिए, मैं भी।”
From: Jansatta
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