भाजपा नेता मेनका गांधी को एक मानहानि मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने समन भेजा है। इस मानहानि का दावा वेटरनरी डॉक्टर के एसोसिएशन की ओर से किया गया है। जिसमें मेनका गांधी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
न्यायमूर्ति अमित बंसल ने पशु अधिकार कार्यकर्ता के रूप में जाने, जाने वाली मेनका गांधी को समन जारी किया है। मेनका को अपना लिखित बयान दर्ज करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। यह केस पिछले साल जून की एक घटना के संबंध में दायर किया गया है। तब एक ऑडियो क्लिप सामने आई थी जिसमें गांधी को पशु चिकित्सकों के खिलाफ धमकाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए सुना जा सकता था। इस क्लिप को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया था और माफी की मांग की गई थी।
उनपर आरोप है कि वो गोरखपुर के पशु चिकित्सक डॉक्टर विकास शर्मा से बात कर रही थीं। इस बातचीत में उन्होंने कई अपशब्दों का प्रयोग किया था। मेनका गांधी को ये कहते हुए सुना जा सकता है- “आपके पिता क्या करते है? माली हैं या चौकीदार? क्या तुम पढ़े-लिखे भी हो?”
बातचीत 17 जून को हुई बताई जाती है। गांधी ने कथित तौर पर धमकी दी थी कि अगर कुत्ता मर जाता है तो शर्मा का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। वहीं मुकदमे में आगे आरोप लगाया गया कि गांधी ने एक लेख भी लिखा था, जिसमें उन्होंने पशु चिकित्सकों के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं थीं।
बता दें कि वेटरनरी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ उमेश चंद्र शर्मा और कोषाध्यक्ष डॉ विजय कुमार के माध्यम से ये दीवानी मुकदमा दायर किया गया है। केस में यह भी आरोप लगाया गया है कि मेनका गांधी ने अपने सांसद होने और रुतबे को इस्तेमाल करके डॉक्टर को धमकाया था। जो अनुचित है। इसके लिए मुआवजा देने के साथ-साथ माफी भी मांगी जानी चाहिए।
हालांकि इस मामले पर अभी तक मेनका गांधी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
From: Jansatta
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