Saturday, March 5, 2022

जायके का त्योहार

मानस मनोहर

कटहल कबाब
कबाब वैसे तो मांसाहारी व्यंजन है, मगर अब सब्जियों से बनने वाले कबाब का चलन भी खूब है। इसे बनाना कोई खास मुश्किल काम नहीं है। एक बार बनाएंगे, तो बार-बार बनाएंगे। कबाब बनाने के लिए दो सौ ग्राम कटे हुए कटहल के टुकड़े, दो मध्यम आकार के उबले हुए आलू और करीब सौ ग्राम पनीर लें। इसमें डालने के लिए एक इंच बराबर अदरक को महीन-महीन काट लें। एक हरी मिर्च और कुछ हरा धनिया भी बारीक काट कर रख लें। इसके अलावा चौथाई चम्मच सौंफ, चुटकी भर जीरा, चौथाई चम्मच अजवाइन, आधा चम्मच साबुत धनिया और चुटकी भर हल्दी, आधा चम्मच गरम मसाला, आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च और जरूरत भर का नमक लें।

कटहल के टुकड़ों को एक कप पानी और आधा चम्मच नमक डाल कर कुकर में एक सीटी आने तक उबाल लें। खड़े मसालों को खरल में दरदरा कूट लें। अब कुकर से कटहल निकाल कर उसका सारा पानी अच्छी तरह निथार लें। उसके बीज के बाहर के कठोर छिलके को अलग कर दें और अच्छी तरह मसल लें।

इसी में मोटे कद्दूकस से उबले आलू और पनीर को भी कस कर डालें। इसमें कटा हुआ अदरक, हरी मिर्च, धनिया और कूटे हुए खड़े मसाले और कुटी लाल मिर्च, हल्दी तथा गरम मसाला भी डाल दें। सारी चीजों को अच्छी तरह मसलते हुए सात-आठ मिनट तक फेटें ताकि एक मुलायम मिश्रण तैयार हो सके। इस मिश्रण को दस मिनट के लिए ढंक कर रख दें।

अब कबाब बनाने की तैयारी करें। कबाब तीन तरीके से बना सकते हैं। एक तरीका तो यह है कि इसे सीक में लगा कर कोयले की धीमी आंच पर सेंकते हुए पका लें। दूसरा तरीका तेल में तल कर पकाने का है। तीसरा तरीका तवे या पैन में सेंक कर पकाने का है। अगर तेल में तल कर पकाना चाहते हैं, तो कबाब के मिश्रण में थोड़ा अरारोट या कार्न फ्लोर मिलाना पड़ेगा, ताकि कबाब फटे नहीं। चाहें तो इसके चारों ओर ब्रेड क्रम भी लगा सकते हैं।

बेहतर तरीका यही है कि इसे नान स्टिक पैन पर सेंक कर पकाएं। पैन पर थोड़ा-सा देसी घी चुपड़ें और पैन अच्छी तरह गरम हो जाए तो मिश्रण में से थोड़ा-थोड़ा हिस्सा लेकर चपटे आकार के कबाब बनाएं और रखते जाएं। आंच मध्यम रखें और कबाब को दोनों तरफ से पलट कर सुनहरा होने तक सेंक लें। आंच तेज रहेगी, तो कबाब ऊपर से तो पक जाएंगे, पर अंदर से कच्चे रहेंगे। इसलिए कबाब बनाते समय आंच का विशेष ध्यान रखें। कबाब तैयार हैं। इन्हें हरी चटनी, दही और प्याज के लच्छों के साथ परोसें।

भाखरवाड़ी
भाखरवाड़ी बनाना कठिन काम नहीं है। एक बार बनाएंगे, तो अगली बार इसे बनाने को लेकर झिझक दूर हो जाएगी। इसे बनाने के लिए मैदा, बेसन, इमली की मीठी चटनी, चाट मसाला, लाल मिर्च पाउडर और खड़े मसालों में धनिया, जीरा, सौंफ, अजवाइन और सफेद तिल, पिसी हुई चीनी तथा नारियल के चूरे की जरूरत पड़ती है। तलने के लिए तेल की जरूरत पड़ेगी।

सबसे पहले एक कप मैदा लें, उसमें गरम करके तीन-चार चम्मच तेल डालें और अच्छी तरह रगड़ कर मिला दें। फिर उसमें दो से तीन चम्मच बेसन डालें और अच्छी तरह रगड़ कर मिलाएं। चौथाई चम्मच नमक डालें और मिला लें। फिर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए मध्यम कड़ाई का आटा गूंथ लें। जैसे मट्ठी या समोसा बनाने के लिए आटा गूंथते हैं, वैसा ही। फिर आटे को ढंक कर पंद्रह मिनट के लिए आराम करने को छोड़ दें।

अब इसमें भरावन की तैयारी कर लें। दो चम्मच साबुत धनिया, एक चम्मच जीरा, इतनी ही सौंफ, आधा चम्मच अजवाइन और दो चम्मच नारियल का चूरा लेकर खरल या मिक्सर में दरदरा पीस लें। अगर नारियल का चूरा नहीं है, तो सूखा नारियल को मिक्सर में पीस कर चूरा बना लें।

इस मिश्रण को एक कटोरी में निकालें और उसमें एक छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक खाने के चम्मच बराबर पिसी हुई चीनी और एक छोटा चम्मच चाट मसाला डाल कर सारी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं और अलग रख लें। गुंथे हुए आटे में से छोटी-छोटी लोइयां लेकर गोल या चौकोर बेल लें। रोटियों की मोटाई अधिक न रहे। बेली हुई रोटी पर किनारों को थोड़ा छोड़ कर चम्मच की मदद से इमली की चटनी फैलाएं। इसी के ऊपर पहले सफेद तिल के कुछ दाने फैलाएं और फिर मसालों का जो मिश्रण तैयार किया है, उसमें से एक चम्मच लेकर सावधानी से चारों तरफ फैला दें।

मसालों की परत मोटी नहीं होनी चाहिए। एक रोटी पर एक छोटा चम्मच मिश्रण पर्याप्त रहता है। मसाला फैलाने के बाद ऊपर से बेलन फिरा दें ताकि मसाले चटनी के साथ अच्छी तरह चिपक जाएं और बिखरें नहीं। अब रोटी का एक सिरा पकड़ कर गोल-गोल रोल की तरह लपेटें। दोनों सिरों को दबा कर बंद कर दें और हथेली से दबाते हुए रोल को थोड़ा लंबा करें। इस तरह मसाले पूरी तरह चिपक जाएंगे और तलने पर बिखरने का भय नहीं रहेगा।

इस रोल में से एक से डेढ़ इंच के टुकड़े काटें और कटे हुए हिस्से की तरफ से हल्के हाथ से दबा दें। कड़ाही में तेल गरम करें। आंच मध्यम रखें और भाखरवाड़ी के टुकड़ों को उसमें डाल कर सुनहरा रंग आने तक उलट-पलट कर तल लें। भाखरवाड़ी तैयार है। इसे डिब्बे में बंद करके रख दें और हफ्तों तक आनंद लें।

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From: Jansatta

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