बहुचर्चित हबल अंतरिक्ष दूरबीन ने हमें ब्रह्मांड की शैशवावस्था की तस्वीरों से रूबरू कराया। यानी महाविस्फोट के बाद करीब 40 करोड़ साल पहले की तस्वीरें। अब वैज्ञानिक एक नई अंतरिक्ष दूरबीन ‘जेम्स वेब’ टेलीस्कोप को अंतरिक्ष में स्थापित करने की तैयारी में हैं, जो हबल से कई गुना बड़ी है। दुनिया की इस सबसे बड़ी दूरबीन से ब्रह्मांड के और भी नए रहस्यों का पता लग सकता है। वैज्ञानिक यह उम्मीद कर रहे हैं कि ब्रह्मांड कै शैशवावस्था से भी पहले की कुछ तस्वीरें मिल सकती हैं। हो सकता है कि हबल से भी ज्यादा प्रकाश वर्ष दूर तक इस दूरबीन की पहुंच हो और हम बहुत दूर स्थित पिंडों को उनकी अरबों साल पहले की स्थिति में देख सकेंगे।
जेम्स वेब को करीब 20 साल पहले अंतरिक्ष में भेजा जाना था। इस दूरबीन को पूरा करने के लिए बहुत सारे तकनीकी प्रगति और यहां तक कि नए अविष्कारों की जरूरत थी। इस परियोजना के समक्ष कई चुनौतियां आर्इं और देर हुई। अब यह तैयार है और इंतजार भी बेकार नहीं गया। इसे इसी साल 28 दिसंबर को लांच करने की तैयारी है। यह दूरबीन ब्रह्मांड के बारे में हमारी समझ को पूरी तरह बदल कर रख सकती है। यह दूरबीन पहली होगी जो दूरस्थ आकाशगंगाओं को देख पाएगी और यह झलक दिखा पाएगी कि महाविस्फोट के भी 25 से 10 करोड़ साल पहले ब्रह्मांड कैसा दिखता था।
हबल दूरबीन, अंतरिक्ष की हमारी खिड़की की तरह थी। उसके जरिए हमने देखा कि ब्रह्मांड कितना अविश्वसनीय तौर पर विशाल, जगमगाता और कभी कभार विचित्र और डरावना भी हो सकता है। हमें विभिन्न किस्मों और आकारों की आकाशगंगाएं और गैस के बादलों की स्तब्ध करने वाली रंगीन तस्वीरें हासिल हुर्इं। हबल से हमें ब्रह्मांड की उम्र का एक बेहतर अंदाजा मिल पाया, करीब 13.8 अरब वर्ष। हबल के जरिए ही इस बात की पुष्टि हुई कि ब्रह्मांड एक त्वरित दर से फैल रहा है जबकि बहुत से वैज्ञानिक पहले ऐसा नहीं मानते थे।
अगर हबल के जरिए हमने ये हासिल किया तो अब तक की सबसे बड़ी और सबसे जटिल और सबसे विस्तृत नई जेम्स वेब दूरबीन के जरिए हम कितनी ही निराली नई चीजें देख और सीख सकते हैं। इस दूरबीन में अंतरिक्ष में जाने वाला अब तक का सबसे बड़ा प्राथमिक आइना लगा है। 18 स्वर्ण-जड़ित षट्कोणीय छोटे दर्पण लगे हैं, और ये हबल से छह गुना से ज्यादा आकार की हैं। यह दूरबीन पहली होगी जो दूरस्थ आकाशगंगाओं को देख पाएगी और यह झलक दिखा पाएगी कि महाविस्फोट के भी 25 से 10 करोड़ साल पहले ब्रह्मांड कैसा दिखता था, यानी हमें ब्रह्मांड की पहली शिशु तस्वीरें ही नहीं संभवत: पहली आकाशगंगाओं की तस्वीरें भी मिल सकेंगी।
इस दूरबीन का विशालकाय आकार बड़ी चुनौती है। साढ़े छह मीटर (21 फुट) चौड़े दर्पण को अंतरिक्ष में भेजना आसान काम नहीं है। उसे ले जाने वाला राकेट अरियाने-5, पांच मीटर से ज्यादा चौड़ी किसी चीज को ले जाने में असमर्थ है। इस कारण दूरबीन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि वह मुड़ सके और राकेट में फिट की जा सके। दूसरे, दूरबीन केवल करीब परमशून्य तापमानों (-223 डिग्री सेल्सियस) पर ही काम कर सकती है, तो उसे टेनिस कोर्ट के आकार वाली पांच परतों के कवच जरूरत है जो उसे धूप से बचाए रख सके। अंतरिक्ष में जाकर दूरबीन अपनी जटिल और सुंदर मुद्रा में खुलने लगेगी। इसके पूरा खुलने में तीन सप्ताह लग जाएंगे। दूरबीन का आखिरी गंतव्य धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर है।
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From: Jansatta
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