भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में स्थापित सेवाधाम आश्रम एक ऐसा केंद्र है, जहां कुष्ठ रोगी, गंभीर शारीरिक बीमारियों से पीड़ित, मानसिक रोगियों, निर्धन, सड़कों और अन्य स्थानों पर बेसहारा पड़े लोगों आदि को आश्रय देकर उनकी परिवार की तरह देखभाल की जाती है। सेवाधाम आश्रम जाति, पंथ, क्षेत्र, अवस्था और लिंग के भेदभाव के बिना देश भर से आने वाले बेघर, असहाय, अक्षम, मानसिक रूप से बीमार, मरणावस्था और बेसहारा लोगों के लिए उचित प्यार, देखभाल और करुणा के साथ एक आजीवन आश्रय और पुनर्वास की व्यवस्था उपलब्ध कराता है।
मानसिक रूप से बीमार, गर्भवती महिलाओं, विवाहित-अविवाहित बच्चियां, युवतियां और माताओं को भी यहां सुरक्षित आश्रय मिलता है। यहां लाए गए अधितर लोग पुरानी या लाइलाज बीमारियों से पीड़ित रहे हैं, जिन्हें यहां जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर और उनकी शारीरिक-मानसिक देखभाल करके सामान्य जीवन जीने के लायक बनाया गया है।
इस आश्रम के संस्थापक सुधीर भाई गोयल बताते हैं, “धरती पर अगर कहीं देवों का वास है तो वह उन लोगों में है जो पीड़ित. लाचार, असहाय और उपेक्षित हैं। उनकी सेवा में जो चरम आनंद का अनुभव करता है वह ही सच्चा देव भक्त है।” वह मुस्कान जो दुर्लभ हो और जिसे महसूस करने के लिए मन में कोमलता, निष्काम प्रेम और उच्च भावना की आवश्यकता होती है, वह यहां आश्रम में महसूस की जा सकती है।
जिस जगह यह आश्रम स्थापित है, वह वीरान, बंजर, ऊबड़-खाबड़, बिना पानी-बिजली वाली और जंगली जानवरों से भरी थी। वहां पर जाकर असहायों को रहने और जीवन के लिए आवश्यक माहौल बनाने के लिए काम करना अत्यंत दुरुह और दुष्कर था, लेकिन चट्टान की तरह की इच्छाशक्ति और संकल्प के साथ इस काम को सफलतापूर्वक किया गया। आज इस आश्रम में 700 से ज्यादा ऐसे लोगों को निशुल्क देखभाल किया जा रहा है और उनको आश्रय दिया गया है, जिनका कहीं कोई सहारा नहीं और गंभीर रूप से पीड़ित रहे हैं।
सुधीर भाई स्वयं अपना जीवन इनकी सेवा में समर्पित कर रखा है। करीब 13 वर्ष की अवस्था में ही संसार का वैभव त्यागकर उस सेवा में जुट गए, जिसकी तरफ लोग घृणा से भी नहीं देखते हैं। ऐसे लोगों को अपने हाथों से माता-पिता, भाई-बंधु की तरह देखभाल करने, सेवा करने, उपचार करने का संकल्प लेकर इन्होंने मध्य प्रदेश के महाकाल की नगरी उज्जैन में 26 जनवरी 1989 को इस आश्रम को बनाया और इसका नाम रखा सेवाधाम।
यह धाम मूलत: 26 जनवरी 1986 को स्थापित उज्जैनी सीनियर सिटीजन फोरम (USCF) की एक इकाई है। सेवाधाम का सिद्धांत पर्यावरण संरक्षण के साथ सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य स्वास्थ्य, स्वावलंबन, सद्भाव की अवधारणा पर आधारित है।
The post बेसहारों की सेवा का मंदिर सेवाधाम appeared first on Jansatta.
From: Jansatta
Read Full Post ㅡ https://ift.tt/3D1jATf