देश की जीडीपी बढ़े न बढ़े, अर्थव्यवस्था पटरी पर आए न आए, पर भारतीय शेयर सूचकांक कुछ समय से आसमान की ओर जाती पतंग की तरह तेजी से हवा में उड़ता जा रहा है। बीएसई ने 61300 के पार, तो निफ्टी ने 18300 पार की छलांग लगा कर एक नया ऐतिहासिक कीर्तिमान हासिल कर लिया है। इससे शेयर बाजार में नए निवेशकों का रुझान बढ़ा है। अच्छा हो कि बाजार बढ़ता रहे, गिरे नहीं। क्योंकि जितना ज्यादा उत्साहित छोटे निवेशक रहते हैं, बाजार के चढ़ने पर उतना ही भारी नुकसान भी उन्हें ही झेलना पड़ता है। बड़े निवेशकों की तरह छोटी पूंजी वाले निवेशक जोखिम नहीं सह सकते।
’शकुंतला महेश नेनावा, इंदौर
सावधानी ही बचाव
‘बच्चों की फ्रिक’ (14 अक्तूबर) पढ़ा। कोरोना महामारी की दूसरी लहर थम चुकी है, लेकिन तीसरी लहर का खतरा अभी बना हुआ है। संक्रमण के दौरान लोगों ने सावधानियां बरती थीं। सरकार ने भी लाकडाउन लगाकर लोगों को घरों के अंदर रहने के लिए मजबूर कर दिया था। देश में टीकाकरण अभियान भी जोरों से चल रहा है। सौ करोड़ टीकाकरण डोज का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन अब भी बच्चों का टीकाकरण प्रारंभ नहीं हो सका है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तीसरी लहर में सबसे अधिक खतरा बच्चों के ऊपर है। देश के अधिकांश राज्यों में स्कूल खोल दिए गए हैं। त्यौहार का मौसम भी शुरू हो चुका है, इन परिस्थितियों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
अब भी कोरोना महामारी की उत्पत्ति एक रहस्य बनी हुई है, और अभी तक इसके सही इलाज की जानकारी नहीं मिल सकी है। इन परिस्थितियों में टीकाकरण और सावधानी ही कोरोना महामारी का बचाव है।
’हिमांशु शेखर, केसपा, गया
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