अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गईं। उन्होंने बुधवार यानी 6 अक्टूबर 2021 की रात ओस्लो में जूनियर यूरोपीय चैंपियन सोलोमिया विंक को हराया। वहीं विश्व चैंपियन को हराकर उलटफेर करने वाली सरिता मोर सेमीफाइनल में हार गईं। अब वह कांस्य के लिए खेलेंगी।
सेमीफाइनल में 19 साल की अंशु ने शुरू ही से दबदबा बनाए रखा और तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत दर्ज करके 57 किलो वर्ग के फाइनल में पहुंच गईं। इससे पहले अंशु ने एकतरफा मुकाबले में कजाखस्तान की निलुफर रेमोवा को तकनीकी दक्षता के आधार पर हराया था। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की देवाचिमेग एर्खेमबायर को 5-1 से शिकस्त दी थी।
अंशू से पहले भारत की चार महिला पहलवानों ने विश्व चैंपियनशिप में पदक जीता है, लेकिन सभी को कांस्य मिला है। गीता फोगाट ने 2012 में, बबीता फोगाट ने 2012 में, पूजा ढांडा ने 2018 और विनेश फोगाट ने 2019 में कांसे का तमगा जीता था।
अंशु विश्व चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय हैं। उनसे पहले सुशील कुमार (2010) और बजरंग पूनिया (2018) यह कमाल कर चुके हैं। इनमें से सुशील कुमार ही स्वर्ण पदक जीत पाए हैं।
अंशु की जीत ने भारत के लिए प्रतियोगिता में पहला पदक सुनिश्चित किया। सरिता मोर को बुल्गारिया की बिलयाना झिवकोवा ने 3-0 से हराया। अब वह कांस्य के लिए खेलेंगी। इससे पहले उन्होंने उलटफेर करते हुए गत चैंपियन लिंडा मोराइस को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
गत एशियाई चैंपियन सरिता का मुकाबला पहले ही दौर में 2019 की विश्व चैंपियन कनाडा की पहलवान से था, लेकिन वह 59 किग्रा वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में 8-2 से जीत दर्ज करने में सफल रहीं। सरिता ने तेज शुरुआत की और रक्षण का भी अच्छा नमूना पेश किया। उन्होंने पहले पीरियड के बाद 7-0 की बढ़त बना ली थी।
लिंडा ने दूसरे पीरियड के टेकडाउन से दो अंक जुटाए लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की। सरिता और जर्मनी की सेंड्रा पारुसजेवस्की के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला काफी करीबी रही। पूरे मुकाबले में अंक बनाने वाला सिर्फ एक मूव बना। सरिता ने टेकडाउन के साथ अंक जुटाते हुए सेंड्रा को हराया।
इस बीच किरन (76 किग्रा) ने तुर्की की आयसेगुल ओजबेगे के खिलाफ रेपेचेज दौर का मुकाबला जीता, लेकिन कांस्य पदक के प्लेऑफ मुकाबले में 2020 अफ्रीकी चैंपियन समर हम्जा के खिलाफ 1-2 से हार गईं।
दिव्या काकरान ने 72 किग्रा वर्ग में सेनिया बुराकोवा को चित्त किया लेकिन जापान की अंडर 23 विश्व चैंपियन मसाको फुरुइच के खिलाफ उन्हें तकनीकी दक्षता के आधार पर शिकस्त झेलनी पड़ी।
पूजा जाट (53 किग्रा) को रेपेचेज मुकाबले में इक्वाडोर की एलिजाबेथ मेलेन्ड्रेस के खिलाफ शिकस्त का सामना करना पड़ा। रितु मलिक (68 किग्रा) को क्वालीफिकेशन मुकाबले में यूक्रेन की अनास्तासिया लेवरेनचुक के खिलाफ सिर्फ 15 सेकेंड में शिकस्त झेलनी पड़ी। ऐसा लग रहा था कि रितु के घुटने में चोट है।
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