Wednesday, October 20, 2021

आबादी पर अंकुश

हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस विश्व स्तर पर मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र द्वारा 22 दिसंबर, 1992 को की गई थी। इस दिवस पर दुनिया के लगभग सभी देशों में गरीबी उन्मूलन के कार्यों की समीक्षा और गरीबी दूर करने के लिए विभिन्न योजनाओं को अमल में लाने की कोशिश सरकारों द्वारा की जाती है। हमारे देश में भी गरीबी का आंकड़ा कोई कम नहीं है।

हमारे देश में गरीबी दो मुख्य दो वजहें हैं। एक तो बढ़ती आबादी और दूसरा मुफ्तखोरी की योजनाएं। जनसंख्या वृद्धि देश के विकास की राह में बाधा तो है ही, गरीब लोगों की गरीबी बढ़ाने वाली भी है। कुछ गरीब लोग अपनी कमाई बढ़ाने के चक्कर में ज्यादा बच्चे पैदा कर लेते हैं, जिससे उनकी कमाई तो बढ़ती नहीं, उलटा ऐसे गरीब लोग गरीबी के दलदल में और धंस जाते हैं। फिर लोग गरीबी और अन्य समस्याओं के लिए सरकार को ही दोष देते हैं। माना कि सरकारों की कुछ गलत नीतियां दोषी हैं, लेकिन लोगों की बच्चे पैदा करने वाली संकीर्ण सोच कम जिम्मेवार नहीं है।

जनसंख्या वृद्धि के लिए गरीब या अशिक्षित लोग ही जिम्मेवार नहीं हैं, बल्कि वे पढ़े-लिखे अमीर लोग भी जिम्मेवार हैं, जो लड़के की चाहत, पिंडदान जैसी रूढ़िवादी सोच अपने दिमाग में पाले रखे हैं। जब तक लोग जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक देश की कुछ समस्याएं कभी समाप्त नहीं होंगी, चाहे सरकार भी इनके लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा ले।

मुफ्तखोरी की गलत परंपरा देश में चला कर सत्ताधारियों और राजनेताओं ने अपना वोट बैंक बढ़ाने की कोशिश तो की है, लेकिन इससे देश में गरीबी भी बढ़ सकती है, क्योंकि मुफ्तखोरी की योजनाओं को अमल में लाने के लिए जो सरकारें खर्चा करती हैं, उसकी भरपाई वे रोजमर्रा में उपयोग होने वाली जरूरी वस्तुओं पर कर बढ़ा कर करती हैं। इससे महंगाई बढ़ती है। अगर भारत को गरीबी मुक्त करना है, तो देश में सबसे पहले बढ़ती जनसंख्या और मुफ्तखोरी की योजनाओं पर अंकुश लगाना जरूरी है।
’राजेश कुमार चौहान, जालंधर

मुख्य मुकाबला

अबकी बार यूपी चुनाव दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि जनता आजमाई हुई कुछ पार्टियों से ऊब चुकी है। सपा और बसपा को वह पहले ही आजमा चुकी है, अब भाजपा को आजमा ही रही है। इनमें भाजपा ही कुछ दमदार लगती है। इसलिए अब वहां मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी में लगता है, बाकी हालात और परिणाम तो समय ही बताएगा।

इस रोचक मुकाबले के कई कारण हैं। आम आदमी पार्टी वहां बिलकुल नई है, जिसका कार्यक्रम इन पार्टियों से कुछ अलग और नया है, जो पहले ही देश में तेजी से अपनी पकड़ बनाती दिखाई देती है। कांग्रेस पुरानी और राष्ट्रीय पार्टी है, जिसका नेतृत्व भी अब नए युवा चेहरों के संघर्षपूर्ण कार्यक्रम से आगे बढ़ रहा है। अब मुख्यत: हिंदुत्व और राष्ट्रवाद, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और गरीब जनता की रोटी-रोजी की यह लड़ाई लगती है। इन पार्टियों के अलावा किसी हद तक कुछ अच्छी छवि के लोग, नेता और अन्य छोटी नई पार्टियां भी अपना जरूर कुछ प्रभाव दिखा सकती हैं। यह मुकाबला बड़ा दिलचस्प और मुख्यत: इन तीनों के बीच ही होगा, जिससे देश में भावी हालात भी प्रभावित हो सकते हैं।
’वेद मामूरपुर, नरेला

The post आबादी पर अंकुश appeared first on Jansatta.



From: Jansatta

Read Full Post ㅡ https://ift.tt/3pnAjNm

CM सम्राट पर भड़के भाई-बहन, तेजस्वी यादव ने बताया 'Cheap Minister', मीसा बोलीं- ये सरकार...

CM सम्राट पर भड़के भाई-बहन, तेजस्वी यादव ने बताया 'Cheap Minister', मीसा बोलीं- ये सरकार... From: ABP Live Read Full Post ㅡ htt...