Tuesday, October 12, 2021

नब्बे साल पुराना गांधी आश्रम अनदेखी का शिकार

देश ने हाल ही में महात्मा गांधी की 152वीं जयंती मनाई और गांधी को मानने वालों ने इस मौके पर उनके दिखाए रास्ते पर चलने का आह्वान भी किया। वहीं, दिल्ली के किंग्सवे कैंप स्थित 90 साल पुराने गांधी आश्रम ‘हरिजन सेवक संघ’ अपने ही लोगों की अनदेखी का शिकार हो गया है। इस वजह से गांधी में श्रद्धा रखने वाले लोग व्यथित हैं।

हरिजन सेवक संघ की स्थापना महात्मा गांधी ने 1932 में की थी। इस आश्रम में महात्मा गांधी ने ‘बा’ (कस्तूरबा गांधी) के साथ 180 दिन का समय बिताया था। संघ के लोगों की अनदेखी के कारण 22 एकड़ में फैले इस आश्रम की हालत बहुत खस्ताहाल है। देखभाल और रखरखाव के अभाव में आश्रम में स्थित इमारतें, विद्यालय और छात्रावास परिसर जर्जर हो चुके हैं।

खाली मैदान में बड़ी-बड़ी घास उग आई है। गांधीवादी और दिल्ली विश्वविद्यालय में गांधी भवन के प्रमुख रमेश भारद्वाज ने कहा कि लगता है हरिजन सेवक संघ अपने उद्देश्यों से भटक गया है। संघ की वर्तमान हालत को देखकर मन बहुत व्यथित होता है। संघ प्रबंधन उस दिशा में काम नहीं कर पा रहा है जिसके लिए यह संस्था बनाई गई थी। रमेश भारद्वाज ने बताया कि अंतिमजन का उत्थान करना गांधी जी का प्रिय विषय था और उसके लिए ही यह संस्था बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि इस संस्था का पुनर्उत्थान होना जरूरी है।

हरिजन सेवक संघ के सचिव रमेश कुमार ने बताया संघ के कामकाज के दौरान 2015 से 2019 तक 54 लाख रुपए से अधिक के भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं। इनकी जांच के लिए एक तथ्य अन्वेषण समिति भी गठित की गई है लेकिन अभी तक इसकी रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों का पूरा हिसाब नहीं किया गया है जिससे वे परिसर में मौजूद मकानों पर कब्जा किए हुए हैं। इसे लेकर कई मामले अदालत में चल रहे हैं।

परिसर में मौजूद कई मकान, छात्रावास, कुटीर, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र जर्जर हालत में हैं। कुमार ने बताया कि कई पदाधिकारी संघ के मकान, अतिथि गृह, वाहन आदि को अपनी सुविधा के लिए इस्तेमाल करते हैं। पदाधिकारी के मुताबिक हरिजन सेवक संघ के विद्यालय, बापा छात्रावास, परिवार परामर्श केंद्र आदि केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्रालय और दिल्ली सरकार के सामाजिक बोर्ड व दिल्ली नगर निगम इत्यादि की वित्तीय सहायता से चलते हैं। रमेश ने बताया कि संघ की संपत्ति और वाहनों का संघ के पदाधिकारी निजी उपयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा संघ के खातों के लिए अकाउंटेंट और अंकेक्षण (आॅडिट) एक ही व्यक्ति की कंपनी द्वारा किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। कुमार ने इस संदर्भ में एक उच्चस्तरीय जांच आयोग या समिति, केंद्र या दिल्ली सरकार की ओर से गठित करने की मांग की है ताकि इस पुरानी गांधीवादी संस्था को बचाया जा सके।

इस आश्रम में महात्मा गांधी, ठक्कर बापा, विनोबा और कस्तूरबा की मूर्तियां हैं। इस प्रांगण में एक प्राथमिक विद्यालय, बापा छात्रावास, बड़ा सा रसोईघर, नेचुरोपैथी, योग केंद्र, कस्तूरबा कुटीर, हरी कुटीर, छोटा पुस्तकालय, कार्यालय और कर्मचारियों के आवास हैं। इस संघ के प्रथम अध्यक्ष गांधीवादी घनश्याम दास बिड़ला थे और 2013 से वर्तमान अध्यक्ष शंकर कुमार सन्याल है।

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From: Jansatta

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