Wednesday, September 15, 2021

आतंक के तार

देश के अलग-अलग हिस्सों से आतंकियों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है। हाल में दिल्ली पुलिस ने मुंबई, रायबरेली, प्रयागराज, लखनऊ और दिल्ली से छह आतंकियों को दबोच कर देश को बड़े संकट से बचा लिया। पुलिस का दावा है कि ये आतंकी त्योहारों से पहले दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में कई जगह विस्फोट करने की तैयारी में थे। इसके अलावा कई राजनेताओं की हत्या की साजिश का भी पता चला। इससे यह तो साफ हो गया है कि भारत में एक बार फिर बड़े पैमाने पर अशांति फैलाने की साजिश रची जा चुकी है। आतंकी बस मौके की तलाश में थे। अगर पुलिस समय रहते इन्हें नहीं पकड़तीं तो किसी भी दिन मुंबई बम कांड जैसी तबाही देखने को मिल सकती थी।

हालांकि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, त्योहारों व अन्य विशेष अवसरों पर देश को दहलाने की कोशिशें पहले भी होती ही रही हैं। लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करती रही हैं। ज्यादा चिंता की बात यह है कि हाल में पकड़े गए आतंकियों के तार पड़ोसी देश पाकिस्तान से जुड़े होने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि ये सभी आतंकी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के इशारे पर अपने मिशन को अंजाम देने में लगे थे।

गौरतलब है कि भारत में आतंकवाद फैलाने में पाकिस्तान की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। आतंकियों ने पुलिस के सामने जो कुछ कबूला है, उसके बाद कोई संदेह नहीं रह जाता है कि पाकिस्तान ने एक बार फिर मुंबई बम कांड जैसी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच डाली है। पूछताछ में यह खुलासा चौंकाने वाला है कि आइएसआइ काफी समय से भारत में बड़े हमलों को अंजाम देने की तैयारी में है। इसके लिए वह अंडरवर्ल्ड का इस्तेमाल कर रही है। आतंकी हमलों के लिए आइएसआइ ने आतंकियों को प्रशिक्षण भी दिया है।

पुलिस का दावा है कि पकड़े गए आतंकियों में से दो ने तो प्रशिक्षण लेने के लिए पाकिस्तान जाने की बात भी बताई। पूछताछ में ही यह खुलासा भी हुआ कि इन हमलों के लिए पैसा और हथियार मुहैया कराने का जिम्मा दाउद इब्राहिम के भाई अनीस के एक करीबी व्यक्ति को सौंपा गया था। ऐसा नहीं है कि आइएसआइ पहली बार ऐसी साजिशें रच रही है। इतिहास गवाह है कि पिछले तीन दशक से भी ज्यादा समय से सीमापार आतंकवाद से लेकर 1992 के मुंबई बम कांड, मुंबई पर आतंकी हमले, भारत की संसद से लेकर महत्त्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर आतंकी हमलों तक की साजिश को अंजाम आइएसआइ और पाकिस्तानी सेना ने ही दिया।

पिछले कुछ समय से भारत यह आशंका जताता रहा है कि अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान की भारत विरोधी गतिविधियों में तेजी आएगी। इन आतंकियों की गिरफ्तारी ने भारत की इस आशंका को और पुष्ट कर दिया है। वैसे सुरक्षा एजेंसियां अपने स्तर पर काफी सतर्क हैं, लेकिन आतंकियों का समानांतर नेटवर्क चलते रहना आतंरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती तो पैदा कर ही रहा है। इस आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि इन आतंकियों ने और नौजवानों को भी अपने जाल में फंसा रखा हो और उनका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में कर लिया जाता। इसलिए पाकिस्तान की मदद से चल रहे ऐसे नेटवर्क को तोड़ना पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए कम बड़ी चुनौती नहीं है।

The post आतंक के तार appeared first on Jansatta.



From: Jansatta

Read Full Post ㅡ https://ift.tt/3hCmk1b

CM सम्राट पर भड़के भाई-बहन, तेजस्वी यादव ने बताया 'Cheap Minister', मीसा बोलीं- ये सरकार...

CM सम्राट पर भड़के भाई-बहन, तेजस्वी यादव ने बताया 'Cheap Minister', मीसा बोलीं- ये सरकार... From: ABP Live Read Full Post ㅡ htt...